01-03 September 2027 | Yashobhoomi (IICC), Dwarka, New Delhi

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आईएमएम इंडिया 2026: 2031 तक 40.53 अरब डॉलर, उद्योग जगत ने जताई निर्यात में बड़े उछाल की उम्मीद

IMM India 2026: आयोजन का मुख्य उद्देश्य 2031 तक 40.53 अरब डॉलर तक पहुंचने वाले भारतीय होम फर्नीचर बाजार को एक सशक्त, डिजाइन-आधारित मैन्युफैक्चरिंग हब और वैश्विक सोर्सिंग प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करना है।


Highlights

  •  एक्सपो में 100 से अधिक प्रदर्शक और 8,000 से ज्यादा ट्रेड बायर्स भाग ले रहे हैं।
  •  भारत के हस्तशिल्प और फर्नीचर क्षेत्र में निर्यात की अपार संभावनाएं हैं।
  •  लगभग 5,600 निर्यात और 2,000 घरेलू उद्योगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।

उद्योग जगत के दिग्गजों का मानना है कि अनुकूल नीतियों, बुनियादी ढांचे में सुधार और वैश्विक व्यापार समझौतों (FTAs) के दम पर भारत का फर्नीचर और हैंडीक्राफ्ट निर्यात अगले तीन वर्षों में 20 से 22 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ सकता है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र को सब्सिडी के बजाय उत्पादन व निर्यात में सुगमता, बेहतर लॉजिस्टिक्स और विदेशों में वेयरहाउस व शोरूम जैसी ठोस सुविधाओं की जरूरत है। इसी दिशा में भारतीय इंटीरियर्स और फर्नीचर उद्योग को बढ़ावा देने के लिए तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय बी2बी प्रदर्शनी 'आईएमएम इंडिया 2026' (imm india)का भव्य शुभारंभ आज नई दिल्ली  स्थित यशोभूमि द्वारका में हुआ। कोएलनमेस्से द्वारा 1 से 3 सितंबर 2026 तक आयोजित इस एक्सपो में 100 से अधिक प्रदर्शक और 8,000 से ज्यादा ट्रेड बायर्स भाग ले रहे हैं।

इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य 2031 तक 40.53 अरब डॉलर तक पहुंचने वाले भारतीय होम फर्नीचर बाजार को एक सशक्त, डिजाइन-आधारित मैन्युफैक्चरिंग हब और वैश्विक सोर्सिंग प्लेटफॉर्म के रूप में स्थापित करना है। कार्यक्रम में बोलते हुए सीपी शर्मा, अध्यक्ष, हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन, ने कहा, "हमारे प्रत्यक्ष और सहयोगी संगठन लगभग 5,600 निर्यात और 2,000 घरेलू उद्योगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। भारत के हस्तशिल्प और फर्नीचर क्षेत्र में निर्यात की अपार संभावनाएं हैं।

सरकार के मजबूत निर्यात फोकस और यूके, ऑस्ट्रेलिया, वियतनाम, यूरोपीय व अफ्रीकी देशों के साथ हुए एफटीए की बदौलत अगले तीन वर्षों में निर्यात में 20–22% की वृद्धि की उम्मीद है। उद्योग सब्सिडी नहीं, बल्कि सहायक नीतियां और प्रक्रियात्मक सुगमता चाहता है।

ई-कॉमर्स की रफ्तार को देखते हुए यूरोप, यूके और अमेरिका जैसे प्रमुख बाजारों में भारतीय वेयरहाउस और शोरूम स्थापित करने की आवश्यकता है।" मिलिंद दीक्षित प्रबंध निदेशक, कोएलनमेस्से ने कहा, "आईएमएम इंडिया की शुरुआत भारत को वैश्विक फर्नीचर और इंटीरियर्स इकोसिस्टम में एक मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में एक दीर्घकालिक कदम है।

भारतीय होम फर्नीचर बाजार 2031 तक 8% से अधिक वार्षिक चक्रवृद्धि की दर से बढ़ने की राह पर है। यह मंच निर्माताओं, डिजाइनरों और खरीदारों को आपस में जोड़ने और भारत को एक डिजाइन-आधारित मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है।"

जोधपुर हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष, डॉ. भरत दिनेश ने कहा, "राजस्थान में हस्तशिल्प क्षेत्र कृषि के बाद सबसे अधिक रोजगार देने वाला क्षेत्र है। भले ही निर्यातक जटिल वैश्विक परिस्थितियों और ईयूडीआर (EUDR) जैसे अनुपालन नियमों का सामना कर रहे हैं, लेकिन यह स्पष्ट करना जरूरी है कि हमारा कच्चा माल पूरी तरह से टिकाऊ कृषि-वानिकी (सस्टेनेबल एग्रो-फॉरेस्ट्री) के जरिए प्राप्त किया जाता है, जिससे अवैध कटाई से जुड़ी भ्रांतियां पूरी तरह खारिज होती हैं।

वैश्विक बाजार में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए कारीगरों के कौशल विकास में निवेश करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस मेले जैसे मंच अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने डिजाइन-आधारित, उच्च गुणवत्ता वाले शिल्प कौशल को प्रदर्शित करने में अहम भूमिका निभाते हैं, और हमें पूरा विश्वास है कि यहां होने वाला व्यापार इस क्षेत्र के लिए उल्लेखनीय विकास को गति देगा।"

नवनीत झलानी, महासचिव, बगरू इंडस्ट्रियल एरिया एसोसिएशन, ने कहा, "बगरू औद्योगिक क्षेत्र में लगभग 850 इकाइयां हैं, जिनमें 200 हस्तशिल्प इकाइयां सालाना 700–800 करोड़ रुपये का निर्यात करती हैं, जो राजस्थान के कुल हस्तशिल्प निर्यात का करीब 10% है। वैश्विक हस्तशिल्प खपत में भारत की हिस्सेदारी अभी केवल 2–3% है, जिससे विकास की भारी संभावनाएं दिखती हैं।

लॉजिस्टिक्स व बिजली की लागत कम करने और बी2बी मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स के सहयोग से भारतीय व्यवसाय वैश्विक खरीदारों से सीधे जुड़ सकते हैं।" रितेश जितानी, महासचिव, कीर्ति नगर टिम्बर एंड फर्नीचर डीलर्स एसोसिएशन, ने कहा, "एशिया के सबसे बड़े बाजारों में शुमार 2000 करोड़ रुपये से अधिक के आकार वाला कीर्ति नगर कच्चा माल, कारीगर, निर्माता और डीलर का एक संपूर्ण इकोसिस्टम पेश करता है। हालांकि, सीमित जगह और बुनियादी ढांचे की चुनौतियां विकास को बाधित करती हैं।

हमारा 5 साल का विजन कीर्ति नगर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त फर्नीचर मार्केटिंग हब बनाना है, जिसके लिए नेशनल इकोनॉमिक फोरम के साथ विस्तृत अध्ययन जारी है।" राजेश गुप्ता, अध्यक्ष, कीर्ति नगर टिम्बर एंड फर्नीचर डीलर्स एसोसिएशन, ने कहा, "भारतीय पारंपरिक और हस्तशिल्प फर्नीचर की गुणवत्ता वैश्विक स्तर पर बेजोड़ है।

जहां ई-कॉमर्स और संगठित रिटेल ने नए अवसर दिए हैं, वहीं पारंपरिक डीलरों के लिए अनुकूलन की चुनौती भी आई है। डिस्प्ले और मैन्युफैक्चरिंग के लिए सीमित जगह, पार्किंग, साफ-सफाई और विशेष रूप से 18% जीएसटी का बोझ ग्राहकों की अंतिम लागत को बढ़ाता है। सरकार से सहयोग की रूपरेखा तैयार करने के लिए हम पूरे मार्केट इकोसिस्टम का एक व्यापक सर्वे कर रहे हैं।"

आईएमएम इंडिया 2026 पूरे फर्नीचर और इंटीरियर वैल्यू चेन के प्रदर्शकों और उत्पादों को एक साथ लाता है। खरीदार यहाँ सॉलिड वुड और अपहोल्स्टर्ड फर्नीचर, हस्तशिल्प और समकालीन संग्रह, गलीचे और कालीन, होम डेकोर, गद्दे, आधुनिक किचन, सरफेस, सामग्री और निर्यात-योग्य इंटीरियर समाधान एक ही छत के नीचे पा सकते हैं।


Press Coverage By: https://www.lokmatnews.in/ 

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